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बुधवार, 7 मई 2008

एड्स चित्रकला प्रतियोगिता



विश्व एड्स दिवस के अवसर पर पुष्प संस्थान की और से नवज्योति सैकंडरी स्कूल, दादाबाडी, सांगानेर में एड्स चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई. इस अवसर पर स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने भी भागीदारी निभाई. इस मौके पर बच्चों व अभिभावकों को एड्स से बचाव की जानकारी दी गई. एड्स से बचो विषयक चित्रकला प्रितियोगिता में बच्चों ने जो चित्र बनाये उनमे प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार भी वितरित किए गए. इस अवसर पर अभिभावकों ने एड्स जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता बढाने संकल्प लिया.

मंगलवार, 6 मई 2008

सफ़लता की और बढ़ते कदम



पुष्प संस्थान परिवर्तन के बड़े सपनो को लेकर एक छोटी सी शुरुआत है। एक कोशिश है उस आम आदमी तक पहुँचने की, जिसे जरुरत है सहारे की.जब संस्थान की स्थापना के बरसों पुराने सपने को पुरा करने की ठानी, कई सवाल जवाब ज़हन मैं थे. संस्थान के नाम से लेकर कार्यकलापों और समाज को लेकर भविष्य मैं होने वाली भागीदारी जैसी बातें सामने आ रही थी. हमेशा सुना था की 'कई बार हमारे आस पास ऐसा बहुत कुछ होता है, जो अहम् होते हुए भी हमारी नजरो मैं नही रहता. पुष्प संस्थान का जनम भी ऐसे ही हुआ. ग्लोबल वार्मिंग से बिगड़ते पर्यावरण और प्रदुषण से घुट रही जिंदगी बार बार सवाल करती थी. इन्ही सवालो के जवाब मैं एक शब्द उभर कर सामने आया और वह था पुष्प. बस शुरुआत हो गई.जब पहली बार स्कूली बच्चों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील व जागरुक बनाने के लिए तथा जैव विविधता से परिचय करवाने के लिए कुलिश स्मृति वन लेकर गए, प्रकृति के करीब होने और उसकी सुरक्षा का भाव गहराता चला गया. इसी के साथ संस्थान के 'पुष्प इको केयर क्लब' की शुरुआत हुई. पढने लिखने मैं असमर्थ बच्चों, महिलाओं, पुरुषों को पढ़ने का जिम्मा हमारी छोटी से टीम ने पहले ही महीने ले लिया था. ...बस फ़िर क्या था, 'मेरी स्कूल' के लिए बच्चे तलाशे जाने लगे.
शेखावटी में बढ़ते एड्स की रोकथाम के लिए छ: अप्रिल से संस्थान के एड्स जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत सीकर के रहनावा गांव से की गई। माना की अभी शुरुआत है, लेकिन आगाज़ अंजाम का आइना होता है। संकल्प और समर्पण से भरपूर पुष्प की पुरी टीम हमेशा जुटी रहेगी। एक विश्वास के साथ, एक संकल्प के साथ।

- प्रभा देवी, अध्यक्ष, 'पुष्प संस्थान'